गोरखपुर में शुरू हुई आधुनिक फॉरेंसिक लैब | अब स्थानीय स्तर पर होगी DNA जांच

गोरखपुर के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर में अत्याधुनिक फॉरेंसिक साइंस लैब का लोकार्पण किया। इस लैब के शुरू होने से अब गोरखपुर और आसपास के जिलों के मामलों में DNA जांच सहित अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परीक्षण यहीं स्थानीय स्तर पर हो सकेंगे। पहले इन जांचों के लिए नमूनों को लखनऊ या अन्य बड़े शहरों की लैब में भेजना पड़ता था, जिससे न केवल समय अधिक लगता था, बल्कि कई गंभीर मामलों की जांच में देरी भी होती थी। नई लैब के संचालन से पुलिस और जांच एजेंसियों को सीधी और तेज वैज्ञानिक सहायता मिलेगी, जिससे न्याय प्रक्रिया और अधिक प्रभावी तथा समयबद्ध बन सकेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार का उद्देश्य अपराधियों को जितनी जल्दी हो सके, वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक साइंस के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार लगातार इसकी क्षमताओं को बढ़ा रही है। गोरखपुर में स्थापित यह आधुनिक लैब न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि राज्य के व्यापक क्षेत्र को लाभ पहुंचाएगी। इससे बलात्कार, हत्या, चोरी, साइबर अपराध और अन्य गंभीर मामलों में वैज्ञानिक जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा।
इस लैब में DNA विश्लेषण, विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी), जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रासायनिक विश्लेषण और साइबर फॉरेंसिक जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम के साथ यह लैब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप काम करेगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे न सिर्फ अपराध जांच में तेजी आएगी, बल्कि झूठे मामलों से निर्दोष लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी।
गोरखपुर में फॉरेंसिक लैब की स्थापना सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत प्रदेश को आधुनिक तकनीक आधारित अपराध जांच व्यवस्था से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में यूपी के हर क्षेत्र में ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि राज्य अपराध मुक्त और सुरक्षित बने। गोरखपुर में फॉरेंसिक लैब का आरंभ पूर्वांचल के विकास और सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



