सीएम योगी का गोरखपुर दौरा: महंत रामदास और महंत पंचानन पुरी को नमन, सेवा-समर्पण को सराहा

गोरखपुर में एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर से जुड़े महंत रामदास और महंत पंचानन पुरी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि महंत रामदास और महंत पंचानन पुरी केवल धार्मिक नेता ही नहीं थे, बल्कि समाज के मार्गदर्शक, प्रेरक शक्ति और सनातन परंपरा के प्रबल रक्षक भी थे। उन्होंने बताया कि दोनों संतों ने अपने जीवन में निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की और गोरखपुर व पूर्वांचल के धार्मिक-सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि महंत रामदास का जीवन अनुशासन, सादगी और लोकहित की भावना से परिपूर्ण था, जबकि महंत पंचानन पुरी ने गोरखनाथ परंपरा की आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने में अतुलनीय योगदान दिया। उनके उपदेश और जीवन मूल्य आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
सीएम योगी ने कहा कि नाथ पंथ की परंपरा हमेशा से राष्ट्र निर्माण, धर्म रक्षा और समाज कल्याण के सिद्धांतों पर आधारित रही है, और महंत रामदास व महंत पंचानन पुरी ने इन सिद्धांतों को व्यवहार में बदलकर दिखाया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा को जीवन का प्रमुख हिस्सा मानते हुए कई सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने दोनों संतों के सरल, सहज और तपस्वी चरित्र को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हम सबके लिए सीख है। आज जब समाज चुनौतियों से गुजर रहा है, तब ऐसे संतों की शिक्षाएं और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती हैं। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि स्वरूप पुष्प अर्पित किए और उनके चित्र के समक्ष मौन रखकर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं और संतों ने भी दोनों महान संतों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
समापन में मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत रामदास और महंत पंचानन पुरी का योगदान सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि नाथ संप्रदाय की गौरवशाली परंपरा को देश और दुनिया में प्रसारित करने में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है। उनकी आध्यात्मिक ऊर्जा और लोकहितकारी कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। सरकार और समाज दोनों का कर्तव्य है कि ऐसे संतों के आदर्शों को संरक्षित रखा जाए और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर आगे बढ़ा जाए।



