
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया मुलाकात कई मायनों में खास रही। दोनों नेताओं के बीच वर्षों से चले आ रहे भरोसे और मित्रता को एक बार फिर इस मुलाकात ने मजबूत किया। बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात थी—पीएम मोदी द्वारा पुतिन को रूसी भाषा में अनुवादित श्रीमद्भगवद्गीता उपहार में देना। यह गीता रूस में भारतीय संस्कृति के सम्मान और दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक मानी जा रही है। गीता को रूसी भाषा में प्रस्तुत करना इस बात का संकेत है कि भारत अपनी सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर साझा करने के प्रयासों को और गति दे रहा है, और रूस जैसे मित्र राष्ट्र के साथ इस सांस्कृतिक कूटनीति को नए स्तर पर ले जा रहा है।
पीएम मोदी ने मुलाकात में पुतिन के साथ रक्षा सहयोग, ऊर्जा साझेदारी, व्यापार, अंतरिक्ष, विज्ञान और वैश्विक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने यह माना कि भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने हैं और बदलते वैश्विक हालात में भी दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की नींव और मजबूत हुई है। गीता का उपहार इसी मित्रता का एक भावनात्मक और सांस्कृतिक विस्तार माना जा रहा है।
मुलाकात के बाद क्रेमलिन की प्रतिक्रिया भी काफी गर्मजोशी भरी रही। क्रेमलिन ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी का स्वागत “विशेष सम्मान और खुशी” के साथ किया। रूसी मीडिया ने भी गीता के उपहार को सांस्कृतिक कूटनीति का प्रतीक बताते हुए इसे भारत-रूस संबंधों की ‘गहराई और संवेदनशीलता’ को दर्शाने वाला क्षण बताया। क्रेमलिन ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत सकारात्मक, सौहार्दपूर्ण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए हुई। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ने विशेष रूप से इस बात की सराहना की कि पीएम मोदी ने न सिर्फ राजनीतिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को भी व्यक्तिगत तौर पर साझा किया।
भारत और रूस के बीच यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब वैश्विक स्तर पर शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है। इन परिस्थितियों में दोनों देशों का एक-दूसरे के साथ खड़ा होना न सिर्फ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि गीता जैसे उपहार दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी नई दिशा देते हैं। कुल मिलाकर, मोदी-पुतिन की यह मुलाकात परिणामों और प्रतीकों—दोनों ही नजरिए से ऐतिहासिक मानी जा रही है।



