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अमेरिकी H-1B वीजा में बड़ा बदलाव: सोशल मीडिया स्कैनिंग से भारतीयों पर गहरा प्रभाव

अमेरिका ने H-1B वीजा प्रक्रिया में एक बड़ा और सख्त बदलाव लागू करने की घोषणा की है, जिसके तहत अब वीजा आवेदन करने वाले हर व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट की गहन जांच की जाएगी। यह नया नियम 15 दिसंबर से लागू हो जाएगा और इसका सबसे अधिक प्रभाव भारतीय पेशेवरों पर पड़ने वाला है, क्योंकि H-1B वीजा के कुल आवेदकों में बड़ी संख्या भारतीय आईटी और टेक सेक्टर से होती है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया जांच का उद्देश्य उन संभावित जोखिमों और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा या वीजा प्रणाली के दुरुपयोग से जुड़ी हो सकती हैं।

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदकों को अपने सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—जैसे Facebook, Instagram, X (Twitter), LinkedIn, YouTube, TikTok और अन्य—के यूज़रनेम या हैंडल वीजा फॉर्म में अनिवार्य रूप से दर्ज करने होंगे। यदि कोई आवेदक गलत जानकारी देता है या अकाउंट छुपाने की कोशिश करता है, तो उसका वीजा सीधे तौर पर रद्द किया जा सकता है और भविष्य में अमेरिका के लिए आवेदन करने से भी प्रतिबंधित किया जा सकता है। यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है जब अमेरिका टेक सेक्टर में विदेशी वर्करों की मांग बढ़ा रहा है, लेकिन सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर चिंताएं भी तेजी से बढ़ी हैं।

भारतीयों के लिए यह नियम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हर साल H-1B कोटे में लगभग 70% से अधिक चयन भारतीय पेशेवरों का होता है। सोशल मीडिया की जांच से भारतीय आईटी इंजीनियरों, डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और अन्य कुशल पेशेवरों के लिए वीजा प्रक्रिया और भी जटिल हो सकती है। विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि सोशल मीडिया पर मजाक, राजनीतिक पोस्ट, विवादित कंटेंट या गलत समझे जाने वाले संदेश भी जांच में बाधा बन सकते हैं। इसी कारण आवेदकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने सोशल मीडिया इतिहास, पोस्ट, कमेंट्स और सार्वजनिक गतिविधियों की समीक्षा कर लें और किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक जानकारी को हटाने पर विचार करें।

नए नियम से वीजा प्रोसेसिंग का समय भी बढ़ सकता है, क्योंकि सोशल मीडिया अकाउंट की क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए अधिक समय लगेगा। हालांकि अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि यह कदम वीजा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगा। भारतीय समुदाय और टेक कंपनियों ने इस बदलाव पर अपनी चिंता व्यक्त की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आवेदक सचेत रहें और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें, तो वीजा मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी।

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