
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में आयोजित डिनर पार्टी ने न केवल राजनीतिक और कूटनीतिक कारणों से सुर्खियां बटोरीं, बल्कि अपने खास मेन्यू की वजह से भी चर्चा में रही। इस खास अवसर पर भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्वादों का बेहतरीन मेल देखने को मिला। मेहमान-ए-खास पुतिन के लिए तैयार किया गया मेन्यू भारत की विविध खानपान संस्कृति को दर्शाता है, जिसमें परंपरा, स्वाद और मेहमाननवाजी की झलक साफ नजर आई।
शुरुआत की बात करें तो डिनर टेबल पर झोल मोमो को खास तौर पर शामिल किया गया। यह पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्र की प्रसिद्ध डिश है, जो मसालेदार और हल्के खट्टे सूप के साथ परोसी जाती है। इसे विदेशी मेहमानों के बीच काफी पसंद किया जाता है, क्योंकि इसका स्वाद अनोखा होने के साथ-साथ हल्का और पौष्टिक भी होता है। झोल मोमो ने भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर से पहचान दिलाई।
मुख्य व्यंजन में भारतीय स्वाद की आत्मा मानी जाने वाली दाल तड़का को जगह दी गई। देसी घी में तड़की गई इस दाल ने सादगी और गरिमा का संदेश दिया। इसके साथ पंचमेल सब्जी, मौसमी सब्जियों से बनी करी और जीरा राइस परोसे गए। खास बात यह रही कि सभी व्यंजन कम तेल और संतुलित मसालों के साथ तैयार किए गए, ताकि स्वाद और सेहत दोनों का ध्यान रखा जा सके।
रोटियों में बटर नान और फुल्का शामिल थे, जो हर भारतीय थाली की शान माने जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए यह अनुभव भारतीय पारंपरिक भोजन को करीब से जानने का मौका भी था। सलाद सेक्शन में ताजे हरे सलाद, योगर्ट डिप और मिंट चटनी ने थाली को और भी खास बना दिया।
डिनर का समापन मीठे स्वाद के साथ हुआ। बादाम का हलवा इस खास मेन्यू का आकर्षण रहा। केसर, घी और बादाम से तैयार इस मिठाई ने शाही अंदाज में समारोह को खत्म किया। हलवे के साथ फ्रेश फ्रूट्स और हल्का डेज़र्ट भी परोसा गया।
कुल मिलाकर, पुतिन के लिए तैयार यह डिनर मेन्यू सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, मेहमाननवाजी और विविधता का प्रतीक था, जिसने विदेशी मेहमानों पर गहरी छाप छोड़ी।



