अटल जयंती की पूर्व संध्या पर काव्यांजलि: लखनऊ में राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति

पूर्व प्रधानमंत्री एवं ‘भारत रत्न’ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती की पूर्व संध्या पर दिनांक 24 दिसम्बर 2025 को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कॉन्वेंशन सेंटर, केजीएमयू, लखनऊ में आयोजित एकल काव्य पाठ कार्यक्रम राष्ट्र की स्मृतियों, मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतिबिंब बना। इस गरिमामयी अवसर पर माननीय रक्षा मंत्री भारत सरकार श्री राजनाथ सिंह जी तथा माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। काव्य पाठ के माध्यम से अटल जी के व्यक्तित्व, विचारधारा, राष्ट्रनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं को शब्दों की श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अटल जी न केवल कुशल राजनेता थे, बल्कि वे एक संवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता और दूरदर्शी विचारक भी थे, जिनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, मानवीय करुणा और लोकतांत्रिक मूल्यों की गूंज सुनाई देती है। कार्यक्रम में प्रस्तुत काव्य रचनाओं ने अटल जी के जीवन संघर्ष, राजनीतिक शुचिता, सांस्कृतिक चेतना और भारत के उज्ज्वल भविष्य के उनके स्वप्नों को सजीव कर दिया। माननीय राजनाथ सिंह जी ने अपने संबोधन में अटल जी के नेतृत्व, निर्णायक क्षमता और सौम्य व्यक्तित्व का स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी ने राजनीति को सेवा और संवाद की ऊँचाई दी। वहीं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अटल जी को राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। कार्यक्रम का वातावरण भावनात्मक, प्रेरक और साहित्यिक गरिमा से परिपूर्ण रहा, जहाँ शब्दों ने स्मृतियों का सेतु बनाया। अटल जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित यह एकल काव्य पाठ न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन था, बल्कि यह उस महान विभूति के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की सामूहिक भावना का सशक्त अभिव्यक्ति भी बना, जिसने भारत को विचार, विकास और विश्वास की नई दिशा दी।



