CM योगी का विपक्ष पर प्रहार: किसानों के मुद्दे पर 20 बिंदुओं में समझें पूरा भाषण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के मुद्दे पर विपक्ष को कड़ा जवाब देते हुए एक विस्तृत और तथ्यपरक भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर किसानों के हित में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने 20 प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से न सिर्फ सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि विपक्ष की कथनी और करनी के फर्क को भी उजागर किया।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कहा कि किसानों के नाम पर राजनीति करने वालों ने दशकों तक केवल वोट बैंक की खेती की, लेकिन उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं किया। उन्होंने बताया कि पहले की सरकारों में गन्ना किसानों का भुगतान वर्षों तक लटका रहता था, जबकि मौजूदा सरकार में समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया गया है। योगी ने कहा कि अब तक रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया जा चुका है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले किसान आपदा के बाद मुआवजे के लिए दफ्तरों के चक्कर काटते थे, लेकिन अब पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीधे खाते में पैसा पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को लेकर भी विपक्ष को घेरा और कहा कि उनकी सरकार ने गेहूं और धान की रिकॉर्ड खरीद की है।
सीएम योगी ने सिंचाई परियोजनाओं, नहरों के पुनरुद्धार और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे किसानों की लागत घटी है और आय में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिला, लेकिन विपक्ष ने इसका भी विरोध किया।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष ने किसानों को गुमराह किया, जबकि सच्चाई यह है कि इन सुधारों से किसान आत्मनिर्भर बन सकते थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी सरकार किसान विरोधी नहीं, बल्कि किसान हितैषी है।
अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का किसान आज खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर रहा है। सरकार की प्राथमिकता किसान की आय दोगुनी करना, उसकी मेहनत का सही मूल्य दिलाना और उसे आत्मनिर्भर बनाना है। विपक्ष को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि जनता अब झूठे वादों को नहीं, बल्कि काम को पहचानती है।



