Pradosh Vrat 2026: नए साल का पहला प्रदोष व्रत 1 या 2 जनवरी? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत फलदायी व्रत माना जाता है, जिसे हर माह त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। वर्ष 2026 की शुरुआत में ही श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल है कि नए साल का पहला प्रदोष व्रत 1 जनवरी को रखा जाएगा या 2 जनवरी को। पंचांग के अनुसार, पौष माह की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 1 जनवरी 2026 को रात में होता है, जबकि इसका समापन 2 जनवरी को शाम के समय होता है। चूंकि प्रदोष व्रत हमेशा सूर्यास्त के समय की त्रयोदशी तिथि को माना जाता है, इसलिए वर्ष 2026 का पहला प्रदोष व्रत 2 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को रखा जाएगा।
शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण यह शुक्र प्रदोष व्रत कहलाएगा, जिसका विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि शुक्र प्रदोष व्रत रखने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है, सुख-समृद्धि बढ़ती है और वैवाहिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है। इस दिन भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और संध्या काल में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करते हैं।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद लगभग 1 घंटा 12 मिनट तक माना जाता है। 2 जनवरी 2026 को प्रदोष पूजा का शुभ समय लगभग शाम 5:40 बजे से 8:20 बजे तक रहेगा। इसी समय में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को रोग, शोक और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है। साथ ही, यह व्रत मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। नए साल के पहले प्रदोष व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक रखने से पूरे वर्ष भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसलिए 2026 की शुरुआत में 2 जनवरी को प्रदोष व्रत रखकर शिव कृपा का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।



