सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में चढ़ाई आस्था की खिचड़ी, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा और विधि-विधान के साथ आस्था की खिचड़ी चढ़ाई। यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बना। मुख्यमंत्री योगी, जो स्वयं गोरखनाथ पीठ के महंत भी हैं, ने तड़के मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जहां देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए लाखों भक्तों ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए। गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी मेले की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें मकर संक्रांति पर अन्नदान, सेवा और भक्ति का विशेष महत्व माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व त्याग, सेवा और समरसता का संदेश देता है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन, स्वयंसेवी संगठनों और मंदिर प्रबंधन की ओर से भंडारे, पेयजल और चिकित्सा सहायता की भी व्यवस्था की गई। खिचड़ी मेले में संत-महात्माओं, साधु-संतों और आम श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। दूर-दराज के गांवों और शहरों से आए लोगों ने गोरखनाथ बाबा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और देश के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर परिसर में चल रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया और सेवाभाव से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन किया। गोरखनाथ मंदिर का यह आयोजन हर वर्ष न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाता है। मकर संक्रांति पर खिचड़ी चढ़ाने की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, लोकआस्था और सेवा के मूल्यों से जोड़ने का कार्य करती है।



