
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 18वें रोजगार मेले का आयोजन कोलकाता में उत्साह और गौरव के साथ किया गया, जहां केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में 100 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। यह रोजगार मेला केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत युवाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि BSF जैसे अनुशासित बल में सेवा करना केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का अवसर है, जो युवाओं में कर्तव्यनिष्ठा, साहस और नेतृत्व क्षमता का विकास करता है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। रोजगार मेले में विभिन्न पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों श्रेणियां शामिल रहीं। इस अवसर पर BSF के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परिजन भी उपस्थित रहे, जिससे माहौल भावुक और प्रेरणादायक बन गया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को प्रशिक्षण, सेवा शर्तों और करियर प्रगति से जुड़ी जानकारी भी दी गई, ताकि वे अपने दायित्वों को बेहतर ढंग से समझ सकें। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए निरंतर प्रयासरत है और रोजगार मेले इसी दिशा में एक प्रभावी कदम हैं। उन्होंने डिजिटल चयन प्रक्रिया, मेरिट आधारित नियुक्तियों और पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि इससे युवाओं का विश्वास बढ़ा है। चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लंबे समय की तैयारी और मेहनत के बाद यह अवसर मिला है, जो उनके परिवारों के लिए गर्व का क्षण है। कोलकाता में आयोजित यह 18वां रोजगार मेला न केवल युवाओं को रोजगार देने का मंच बना, बल्कि राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को भी मजबूती प्रदान करने वाला साबित हुआ। BSF के इस प्रयास से यह संदेश गया कि देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य—दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है।



