यूपी को ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ नेशनल अवॉर्ड, योगी सरकार में हवाई यात्रियों की संख्या 2.6 गुना बढ़ी

उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रशासनिक दक्षता और विकासशील सोच का परिचय देते हुए ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड हासिल किया है। यह सम्मान योगी आदित्यनाथ सरकार के उस कार्यशैली का परिणाम है, जिसमें योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, पारदर्शिता और निवेश-अनुकूल वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। बीते कुछ वर्षों में प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक निवेश, पर्यटन और एविएशन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। खास बात यह है कि योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में हवाई यात्रियों की संख्या में 2.6 गुना तक की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
प्रदेश में पहले जहां सीमित संख्या में सक्रिय हवाई अड्डे थे, वहीं अब अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तरों पर नए एयरपोर्ट्स का जाल तेजी से फैल रहा है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज जैसे शहरों के साथ-साथ अयोध्या, कुशीनगर और जेवर जैसे नए हवाई अड्डों ने प्रदेश को वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है। उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने का बड़ा फायदा आम जनता, व्यापारियों और पर्यटकों को मिला है। इससे न केवल यात्रा आसान हुई है, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का अवॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने में भी सफल रही है। सिंगल-विंडो सिस्टम, समयबद्ध स्वीकृतियां और डिजिटल गवर्नेंस ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। एविएशन सेक्टर में बढ़ती यात्री संख्या पर्यटन, उद्योग और सेवा क्षेत्र की मजबूती का संकेत देती है। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्रों तक सीधी हवाई कनेक्टिविटी ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बड़ा इजाफा किया है।
कुल मिलाकर, ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का राष्ट्रीय सम्मान और हवाई यात्रियों में 2.6 गुना वृद्धि योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों और मजबूत नेतृत्व का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल वर्तमान विकास की कहानी कहती है, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हो रही है।



