
केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने कपड़ा (टेक्सटाइल) क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए 5 बड़े कम्पोनेंट की घोषणा की, जिनका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना, रोजगार सृजन करना और वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना है। इसके साथ ही माइक्रो एंटरप्राइजेज को सहारा देने के लिए ₹2,000 करोड़ रुपये के विशेष सपोर्ट पैकेज का एलान किया गया है।
पहला कम्पोनेंट उत्पादन और तकनीकी उन्नयन से जुड़ा है। इसके तहत छोटे और मध्यम कपड़ा इकाइयों को आधुनिक मशीनरी, ऑटोमेशन और नई तकनीक अपनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी और लागत कम होगी।
दूसरा कम्पोनेंट स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग पर केंद्रित है। कपड़ा क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और कारीगरों को नई डिज़ाइन, फैब्रिक इनोवेशन और आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।
तीसरा कम्पोनेंट क्लस्टर डेवलपमेंट से जुड़ा है। देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब जैसे सूरत, तिरुपुर, लुधियाना, भिवंडी और वाराणसी में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। साझा सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स और टेस्टिंग लैब्स विकसित कर छोटे उद्यमों की लागत कम करने पर जोर रहेगा।
चौथा कम्पोनेंट ग्रीन और सस्टेनेबल टेक्सटाइल को बढ़ावा देने का है। सरकार पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन, रिसाइक्लिंग और कम पानी-ऊर्जा खपत वाली तकनीकों को अपनाने वाली इकाइयों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देगी। इससे भारतीय टेक्सटाइल को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
पांचवां और अहम कम्पोनेंट एक्सपोर्ट प्रमोशन से संबंधित है। निर्यातकों को आसान क्रेडिट, मार्केटिंग सपोर्ट और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाने के लिए योजनाएं लाई जाएंगी।
इसके अलावा, माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए घोषित ₹2,000 करोड़ रुपये का सपोर्ट पैकेज खास तौर पर छोटे बुनकरों, घरेलू इकाइयों और स्टार्टअप्स को सस्ती फाइनेंसिंग और कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए होगा।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए किए गए ये एलान न केवल उद्योग को नई रफ्तार देंगे, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका को भी मजबूत आधार प्रदान करेंगे।



