India-EU FTA: सभी 27 EU देशों का समर्थन, जल्द लागू होगा ट्रेड समझौता

भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से प्रस्तावित Free Trade Agreement (FTA) को लेकर अब बड़ी प्रगति हुई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 4 सितंबर 2026 को बताया कि यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों ने India-EU FTA का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सभी देश इस समझौते को जल्द से जल्द लागू करने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना चाहते हैं।
सभी 27 देशों की सहमति क्यों अहम?
यूरोपीय संघ में 27 देश शामिल हैं और सभी देशों की सहमति किसी बड़े व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती है। पीयूष गोयल ने कहा कि यूरोपीय संदर्भ में इस तरह का सर्वसम्मत समर्थन दुर्लभ है। उनके मुताबिक समझौते में दोनों पक्षों के संवेदनशील क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है, इसलिए किसी सदस्य देश की ओर से विरोध सामने नहीं आया है।
यह भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यूरोपीय बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए दुनिया के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है।
कब लागू होगा India-EU FTA?
भारत और EU के बीच FTA की बातचीत जनवरी 2026 में पूरी हो चुकी थी। अब समझौते की कानूनी और औपचारिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। पीयूष गोयल पहले भी कह चुके हैं कि समझौते पर 2026 के अंत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं और इसे फरवरी-मार्च 2027 के आसपास लागू किया जा सकता है।
इसका मतलब है कि भारतीय कारोबारियों और यूरोपीय कंपनियों को अगले साल से समझौते के तहत मिलने वाले नए बाजार अवसरों का लाभ मिलने की संभावना है।
भारतीय निर्यातकों को क्या फायदा होगा?
FTA लागू होने के बाद भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजार में बेहतर टैरिफ यानी शुल्क व्यवस्था का लाभ मिल सकता है। उपलब्ध विवरण के अनुसार समझौते के तहत भारतीय निर्यात के बड़े हिस्से को यूरोपीय बाजार में शुल्क-मुक्त या बेहतर बाजार पहुंच मिलने की उम्मीद है।
इससे खासतौर पर उन उद्योगों को फायदा मिल सकता है जिनका यूरोप को निर्यात पहले से मजबूत है। टेक्सटाइल, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, समुद्री उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर सकता है।
2 अरब लोगों का बड़ा बाजार
भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह व्यापार समझौता लागू होने के बाद दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंधों का दायरा काफी बड़ा हो सकता है। दोनों मिलकर करीब 2 अरब लोगों का बाजार बनाते हैं और इनकी अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक GDP के लगभग एक-चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं।
इतने बड़े बाजार तक बेहतर पहुंच भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात बढ़ाने, नए ग्राहकों तक पहुंचने और वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने का अवसर दे सकती है।
यूरोप के साथ व्यापार संबंध होंगे मजबूत
India-EU FTA केवल आयात-निर्यात शुल्क कम करने तक सीमित नहीं है। इससे दोनों पक्षों के बीच निवेश, तकनीक, सेवाओं और औद्योगिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत पहले से ही यूरोपीय देशों के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक संबंध रखता है। ऐसे में FTA के जरिए व्यापार के लिए अधिक पूर्वानुमान योग्य और अनुकूल माहौल तैयार हो सकता है।
किन क्षेत्रों में बढ़ सकता है सहयोग?
पीयूष गोयल ने भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग के लिए रत्न एवं आभूषण, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, बंदरगाह, रक्षा एवं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और कृषि-खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया है।
इससे संकेत मिलता है कि भारत-यूरोप संबंध अब पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर रणनीतिक और तकनीकी क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं।
बेल्जियम ने भी जताया समर्थन
मुंबई में India-Belgium High-Level Dialogue के दौरान बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भी India-EU FTA को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इसे बदलते वैश्विक व्यापार माहौल में रणनीतिक साझेदारी का उदाहरण बताया और कहा कि इससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
भारत और बेल्जियम ने व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
भारत के लिए क्यों बड़ा मौका?
वैश्विक स्तर पर व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और कई देशों द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के बीच भारत अलग-अलग देशों और क्षेत्रों के साथ FTA नेटवर्क मजबूत कर रहा है। यूरोपीय संघ के साथ समझौता इस रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा सकता है।
भारतीय कंपनियों को अगर यूरोपीय बाजार में प्रतिस्पर्धी टैरिफ का लाभ मिलता है, तो इससे निर्यात बढ़ाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल सकता है। साथ ही यूरोपीय निवेशकों के लिए भी भारत में निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं।
अभी क्या बाकी है?
हालांकि सभी 27 EU देशों के समर्थन की खबर सकारात्मक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि FTA उसी समय लागू हो गया है। समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर, कानूनी प्रक्रियाएं और संबंधित अनुमोदन अभी पूरे होने हैं। मौजूदा अनुमान के मुताबिक इसे 2027 की पहली तिमाही में लागू किए जाने की संभावना है।
कुल मिलाकर, India-EU FTA को सभी 27 यूरोपीय संघ देशों का समर्थन भारत के लिए बड़ा व्यापारिक और रणनीतिक घटनाक्रम है। समझौता लागू होने पर भारतीय निर्यातकों को यूरोप के विशाल बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं। अब निगाहें 2026 के अंत तक होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर और 2027 की शुरुआत में समझौते के संभावित क्रियान्वयन पर हैं।



