बड़ी खबरविदेश

170 मील की रफ्तार और पलक झपकते लॉन्च—क्या है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुल्ट?

समुद्री युद्धक क्षमताओं की दौड़ में चीन तेजी से नई तकनीकों को शामिल कर रहा है, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुल्ट की हो रही है। यह आधुनिक प्रणाली विमानवाहक पोत से लड़ाकू विमानों को बेहद कम समय में हवा में पहुंचाने की क्षमता रखती है। पारंपरिक स्टीम कैटापुल्ट के विपरीत इसमें भाप के दबाव की जगह विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा का इस्तेमाल होता है, जिससे लॉन्च अधिक नियंत्रित, तेज और सुरक्षित माना जाता है। दावा किया जाता है कि भारी-भरकम, लगभग 30 टन वजनी फाइटर जेट को भी यह तकनीक महज कुछ पलों में 170 मील प्रति घंटे तक की रफ्तार दे सकती है। इतनी तीव्र गति मिलने से विमान कम दूरी में उड़ान भर लेता है और युद्धक मिशन के लिए जल्दी तैयार हो जाता है।

रिपोर्टों के अनुसार चीन ने इस तकनीक को अपने नए विमानवाहक पोत फ़ुजियान पर शामिल किया है, जो उसकी नौसैनिक ताकत में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम के जरिए विमानों पर पड़ने वाला तनाव अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे एयरक्राफ्ट की उम्र बढ़ सकती है और मेंटेनेंस की जरूरत घटती है। साथ ही, अलग-अलग वजन के विमानों को जरूरत के मुताबिक अलग पावर लेवल पर लॉन्च करना संभव हो जाता है। यही कारण है कि इसे भविष्य की नौसैनिक लड़ाइयों के लिए गेमचेंजर तकनीक माना जा रहा है।

इस प्रणाली का एक और बड़ा फायदा यह है कि इससे ड्रोन, अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट और अन्य सपोर्ट विमानों को भी आसानी से उड़ान दी जा सकती है, जो लंबी दूरी तक निगरानी और हमला करने की क्षमता बढ़ाते हैं। हालांकि इतनी उन्नत तकनीक को विकसित करना बेहद महंगा और जटिल है, क्योंकि इसमें हाई-एनर्जी पावर मैनेजमेंट, सटीक कंट्रोल और मजबूत डेक इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद चीन का इस दिशा में आगे बढ़ना संकेत देता है कि वह समुद्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करना चाहता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तकनीक का क्षेत्रीय और वैश्विक शक्ति संतुलन पर क्या प्रभाव पड़ता है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button