मिशन ‘नव्य उत्तर प्रदेश’ के तहत 25 साल पुराने अपार्टमेंट्स का कायाकल्प, सरकार की बड़ी तैयारी

उत्तर प्रदेश में शहरी ढांचे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मिशन ‘नव्य उत्तर प्रदेश’ के तहत 25 वर्ष या उससे अधिक पुराने जर्जर अपार्टमेंट्स और आवासीय परिसरों के पुनर्विकास की व्यापक योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस न केवल नई इमारतों के निर्माण पर है, बल्कि पुराने भवनों को सुरक्षित, भूकंपरोधी और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाकर नागरिकों को बेहतर जीवन देना भी है। कई शहरों में ऐसे अपार्टमेंट्स हैं जिनकी संरचना कमजोर हो चुकी है, सीवर, बिजली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं जर्जर स्थिति में हैं। इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से सर्वे, तकनीकी परीक्षण और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का खाका तैयार किया है।
योजना के तहत निवासियों की सहमति, पुनर्वास व्यवस्था और निर्माण के दौरान वैकल्पिक आवास जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि लोगों को न्यूनतम असुविधा हो और पुनर्विकास के बाद उन्हें पहले से बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक घर मिलें। इस अभियान में निजी क्षेत्र की भागीदारी, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी नीति को भी शामिल करने की तैयारी है, ताकि काम तय समय सीमा में पूरा हो सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन इमारतों में सुरक्षा का खतरा ज्यादा है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। साथ ही स्थानीय निकायों को निवासियों से संवाद बनाकर उनकी आशंकाओं को दूर करने को कहा गया है।
मिशन ‘नव्य उत्तर प्रदेश’ को राज्य के शहरी विकास की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे जहां एक ओर दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी, वहीं शहरों की सूरत भी बदलेगी। नए डिजाइन, बेहतर पार्किंग, हरित क्षेत्र, अग्नि सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होने वाले अपार्टमेंट्स लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करेंगे। सरकार का मानना है कि सुरक्षित आवास ही समृद्ध समाज की नींव है, और इसी सोच के साथ यह अभियान तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।



