दोपहर की नींद: डॉक्टरों ने चेताया, इसे समझें ‘साइलेंट किलर’

दोपहर में सोने की आदत कई लोगों के लिए राहत का समय होती है, लेकिन हाल ही में डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह आदत लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसे कुछ विशेषज्ञ ‘साइलेंट किलर’ कह रहे हैं। सामान्य रूप से दोपहर की नींद को आराम और ऊर्जा पुनः प्राप्त करने का साधन माना जाता है, लेकिन लंबे समय तक इसे आदत बनाना हृदय और मेटाबॉलिज़्म पर गंभीर असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दोपहर में अत्यधिक नींद लेने से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मोटापे जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। शोध बताते हैं कि दिन के समय अनियमित नींद लेने वाले लोगों में ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर असामान्य हो सकता है, जिससे डायबिटीज और हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, देर दोपहर या शाम के करीब सोने से रात की नींद पर भी असर पड़ता है, जिससे नींद चक्र बिगड़ सकता है और नींद की गुणवत्ता कम हो सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि दिन में नींद लेना जरूरी हो तो इसे सीमित समय तक रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, केवल 20 से 30 मिनट की पावर नैप लेना शरीर और मस्तिष्क को तरोताजा कर सकता है, लेकिन दो घंटे से ज्यादा सोना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। साथ ही, नींद का समय निर्धारित करना और सोने के लिए शांत वातावरण तैयार करना भी जरूरी है।



