
2026 की शुरुआत में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कच्चे तेल की आपूर्ति रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। पिछले कुछ महीनों में देश ने रूस से कच्चे तेल की खरीद कम कर दी है, जबकि पश्चिम एशियाई आपूर्तिकर्ताओं, खासकर सऊदी अरब और अन्य ओपेक देशों, से तेल के आयात में बढ़ोत्तरी हुई है। इस बदलाव का कारण न केवल तेल की कीमतों की चाल है बल्कि वैश्विक भू‑राजनीतिक दबाव और व्यापार समझौतों से प्रभावित होता नजर आता है।



