जर्मनी दौरे पर केशव प्रसाद मौर्य, यूपी को ड्रोन टेक्नोलॉजी का ग्लोबल सेंटर बनाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश को हाई-टेक ड्रोन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी दौरे के दौरान वहां के प्रमुख निवेशकों और टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधियों से अहम मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में ड्रोन निर्माण, अनुसंधान, प्रशिक्षण और निर्यात को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार पहले ही नई औद्योगिक नीति और रक्षा एवं एयरोस्पेस सेक्टर को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रही है। जर्मनी जैसे तकनीकी रूप से अग्रणी देश के साथ साझेदारी से यूपी में अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
बैठक में कृषि, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। डिप्टी सीएम ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्टार्टअप्स और MSME इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है, जिससे ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। जर्मन कंपनियों ने भी यूपी में संयुक्त उपक्रम और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई है।
उत्तर प्रदेश पहले ही डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में ड्रोन हब की स्थापना से राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफल होती है तो प्रदेश न केवल घरेलू मांग को पूरा करेगा बल्कि निर्यात के क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान किए जाएं। जर्मनी में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



