
कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney आज से भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi समेत कई वरिष्ठ नेताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से होने वाली है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच ट्रेड, एनर्जी और इन्वेस्टमेंट के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देना है। पिछले कुछ समय से द्विपक्षीय संबंधों में आई ठंडक के बाद यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर अटकी वार्ताओं पर भी सकारात्मक चर्चा हो सकती है। ऊर्जा क्षेत्र में खासकर स्वच्छ ऊर्जा, हाइड्रोजन, एलएनजी सप्लाई और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। कनाडा दुनिया के प्रमुख यूरेनियम और पोटाश उत्पादकों में से एक है, जो भारत की ऊर्जा और कृषि जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच शिक्षा, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। भारत में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और विशाल बाजार कनाडाई निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, वहीं कनाडा भारतीय आईटी, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए अवसरों का बड़ा केंद्र है। सूत्रों के मुताबिक रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी पर भी बातचीत हो सकती है। इस दौरे को भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां दोनों देश आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए व्यावहारिक सहयोग की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। अगर बातचीत सकारात्मक रहती है, तो आने वाले समय में व्यापारिक आंकड़ों में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है और दोनों देशों के संबंध एक नए संतुलन और मजबूती के दौर में प्रवेश कर सकते हैं।



