
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध हालात का असर अब भारत की हवाई यात्रा पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सुरक्षा कारणों और एयरस्पेस से जुड़ी चुनौतियों के चलते दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से करीब 100 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। अचानक हुई इन रद्दियों से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि कुछ को घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ रहा है।
एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि मिडिल ईस्ट के कई इलाकों में तनाव के कारण कुछ महत्वपूर्ण एयर रूट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। इन रूट्स का इस्तेमाल भारत से यूरोप और पश्चिम एशिया जाने वाली उड़ानों में किया जाता है। एयरस्पेस बंद होने के कारण विमानों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे कई फ्लाइट्स का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है और उन्हें रद्द करना पड़ा है।
दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर देखा गया है। दुबई, दोहा, तेहरान, इस्तांबुल और यूरोप के कई शहरों के लिए उड़ानें प्रभावित हुई हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और जैसे ही हालात सामान्य होंगे, उड़ानों का संचालन फिर से शुरू किया जाएगा।
यात्रियों को हो रही असुविधा को देखते हुए एयरलाइंस कंपनियां रिफंड और रीशेड्यूलिंग की सुविधा दे रही हैं। कई यात्रियों को अगले उपलब्ध फ्लाइट में शिफ्ट किया जा रहा है, जबकि कुछ को टिकट का पूरा पैसा वापस किया जा रहा है। हालांकि, अचानक बढ़े दबाव के कारण कस्टमर सपोर्ट सेवाओं पर भी अतिरिक्त भार पड़ गया है।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर इसका असर और बढ़ सकता है। इससे टिकटों की कीमतों में भी वृद्धि होने की आशंका है, क्योंकि लंबा रूट अपनाने से ईंधन की खपत और संचालन लागत बढ़ जाती है।
फिलहाल यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें। साथ ही एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपडेट लेते रहें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। मौजूदा हालात में वैश्विक तनाव का असर हवाई यात्रा पर पड़ना स्वाभाविक माना जा रहा है और स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों को थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है।



