
इससे पहले एअर इंडिया समूह ने घरेलू उड़ानों और कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर लगभग ₹399 का फ्यूल सरचार्ज लागू किया था, जबकि इंडिगो ने 14 मार्च से टिकटों पर ₹425 से ₹2300 तक का अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू किया है। ऐसे में अब लगातार तीन बड़ी एयरलाइंस द्वारा सरचार्ज बढ़ाए जाने से हवाई यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो सकती है और यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ सकता है।
हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में टिकट की कीमतें और बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो एयरलाइंस आगे भी किराए में संशोधन कर सकती हैं। ऐसे में त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में यात्रा करने वाले लोगों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
एयरलाइन कंपनियों के अनुसार फ्यूल उनकी कुल ऑपरेटिंग लागत का बड़ा हिस्सा होता है। जब ईंधन महंगा होता है तो कंपनियां अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज जोड़ देती हैं। यही वजह है कि हाल के दिनों में देश की प्रमुख एयरलाइंस ने यह कदम उठाया है, ताकि संचालन लागत को संतुलित किया जा सके।
यात्रा विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों को टिकट बुक करते समय किराए के साथ जुड़े अतिरिक्त शुल्कों पर भी ध्यान देना चाहिए। कई बार बेस फेयर कम दिखाई देता है, लेकिन टैक्स और सरचार्ज जोड़ने के बाद कुल किराया काफी बढ़ जाता है। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय कुल लागत की जांच करना जरूरी है।
आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर एयरलाइंस की किराया नीति में और बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि वे टिकट बुकिंग से पहले अलग-अलग एयरलाइंस के किराए की तुलना करें, ताकि उन्हें बेहतर विकल्प मिल सके।



