
असम की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि Himanta Biswa Sarma ने जलुकबाड़ी विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है। यह उनके राजनीतिक करियर का छठा मौका है जब वे इस सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं, जो उनके मजबूत जनाधार और लोकप्रियता को दर्शाता है। नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि सरमा की पकड़ इस क्षेत्र में अभी भी बेहद मजबूत है। उन्होंने इस अवसर पर जनता का आभार जताते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों के आधार पर वे एक बार फिर जनता के बीच जा रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि जनता उन्हें पुनः आशीर्वाद देगी। जलुकबाड़ी सीट असम की महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जाती है, जहां से जीत हासिल करना राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम होता है। सरमा ने अपने संबोधन में राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी है, जबकि विपक्ष केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करता है। नामांकन के दौरान रोड शो और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें भारी भीड़ देखने को मिली। इससे साफ संकेत मिलता है कि आगामी चुनाव में यह सीट काफी चर्चित रहने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरमा का अनुभव और उनकी कार्यशैली उन्हें इस बार भी बढ़त दिला सकती है, हालांकि विपक्ष भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुका है। ऐसे में जलुकबाड़ी सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, छठी बार नामांकन दाखिल कर हिमंत बिस्वा सरमा ने यह संदेश दे दिया है कि वे एक बार फिर जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए तैयार हैं और चुनावी जंग में पूरी ताकत झोंकने वाले हैं।



