योगी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में बड़े प्रस्ताव अटके, लखीमपुर खीरी सेतु पर नहीं बनी सहमति

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा तो हुई, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर नहीं लग पाई। खासतौर पर लखीमपुर खीरी में प्रस्तावित सेतु निर्माण और चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया, जिससे इन परियोजनाओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लखीमपुर खीरी में बनने वाला यह सेतु क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि इससे न केवल स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलती। वहीं, चीनी उद्योग से जुड़े प्रस्तावों का लंबित रहना प्रदेश के गन्ना किसानों और मिल संचालकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। यूपी देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में शामिल है और यहां की अर्थव्यवस्था में चीनी उद्योग की बड़ी भूमिका है। ऐसे में इस सेक्टर से जुड़े फैसलों में देरी का असर सीधे किसानों की आय और उद्योग की प्रगति पर पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रस्तावों पर तकनीकी और वित्तीय पहलुओं को लेकर अभी और मंथन की जरूरत बताई गई है, जिसके चलते इन्हें फिलहाल टाल दिया गया। सरकार का कहना है कि सभी पहलुओं का गहन अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न आए। हालांकि, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और आरोप लगाया है कि सरकार विकास कार्यों में देरी कर रही है। वहीं, सरकार का पक्ष है कि वह जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती और हर परियोजना को पूरी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ लागू करना चाहती है। अब निगाहें अगली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां इन लंबित प्रस्तावों पर दोबारा चर्चा हो सकती है और संभावित रूप से अंतिम फैसला लिया जा सकता है।



