
केंद्र सरकार ने इमिग्रेशन और वीजा सेवाओं को और अधिक आधुनिक और सुगम बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इमिग्रेशन, वीजा और फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले का उद्देश्य देश में आने वाले विदेशी नागरिकों की निगरानी, सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाना है। IVFRT योजना के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वीजा आवेदन, ट्रैकिंग और विदेशियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जाता है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को भी मदद मिलती है।
सरकार का मानना है कि इस योजना के विस्तार से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भारत की वैश्विक छवि और मजबूत होगी। साथ ही, इससे विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। डिजिटल सिस्टम के जरिए डेटा मैनेजमेंट और निगरानी में सुधार होगा, जिससे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी।
इसके साथ ही कैबिनेट ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना UDAN 2.0 को भी मंजूरी दे दी है। UDAN यानी “उड़े देश का आम नागरिक” योजना का उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को हवाई सेवाओं से जोड़ना है। UDAN 2.0 के तहत अधिक एयरपोर्ट्स को जोड़ा जाएगा और किफायती दरों पर हवाई यात्रा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे आम लोगों के लिए हवाई सफर आसान हो सकेगा।
इस योजना के विस्तार से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। छोटे शहरों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का फोकस है कि देश के हर हिस्से को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और UDAN 2.0 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, मोदी सरकार के ये दोनों फैसले—IVFRT योजना का विस्तार और UDAN 2.0 की मंजूरी—देश की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं।



