NATO संकट में? अमेरिका के बाहर होने पर गठबंधन पर उठे सवाल

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) को लेकर एक बार फिर वैश्विक स्तर पर बहस तेज हो गई है। चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि अगर भविष्य में डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिका संगठन से दूरी बनाता है, तो क्या यह सैन्य गठबंधन अपनी मजबूती बनाए रख पाएगा या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि NATO की ताकत का बड़ा हिस्सा अमेरिका की सैन्य और आर्थिक भागीदारी पर आधारित है। ऐसे में अगर अमेरिका इसमें सक्रिय भूमिका से बाहर होता है, तो यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।
हालांकि कई जानकार यह भी कहते हैं कि NATO केवल एक देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि 30 से अधिक सदस्य देशों का सामूहिक सुरक्षा ढांचा है। फिर भी अमेरिका की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि इस संभावित स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चिंता और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।



