


देश में परिसीमन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (अखिलेश यादव की पार्टी सपा) और टीएमसी समेत कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और भाजपा के रुख पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर जो नैरेटिव तैयार किया जा रहा है, वह संतुलित प्रतिनिधित्व और संघीय ढांचे को प्रभावित कर सकता है।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार की नीति को चुनौती देने की बात कही है और कहा है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी राज्यों के हितों का समान ध्यान रखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, सत्तापक्ष का कहना है कि परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इस मुद्दे को लेकर आने वाले समय में संसद और राजनीतिक मंचों पर और तीखी बहस होने की संभावना है।