स्पेशल कोर्ट सिस्टम पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल कोर्ट सिस्टम को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए इसे “मजाक” बनने की स्थिति में बताया है। अदालत ने कहा कि विशेष अदालतों की स्थापना का उद्देश्य मामलों का तेजी से निपटारा करना था, लेकिन मौजूदा हालात में जजों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल स्पेशल कोर्ट बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पर्याप्त संख्या में जजों की नियुक्ति और संसाधनों की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा ढांचे में सुधार किए बिना न्याय में देरी को रोकना मुश्किल होगा।
अदालत की इस टिप्पणी ने न्याय व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायपालिका में लंबित मामलों का बोझ कम करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक सुधारों की आवश्यकता है, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके।



