Smart Electricity Meter विवाद: 84% खपत बढ़ोतरी पर जांच की मांग, विभाग भी परेशान

स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के साथ-साथ विद्युत विभाग भी अब परेशानी में नजर आ रहा है। कई मामलों में बिजली खपत में अचानक 84 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं के बिल सामान्य से काफी अधिक आ रहे हैं। इस असामान्य वृद्धि ने लोगों के बीच नाराजगी बढ़ा दी है और पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले की तुलना में समान उपयोग के बावजूद बिल कई गुना बढ़कर आ रहा है, जिससे उनका बजट बिगड़ गया है। वहीं दूसरी ओर, विभागीय स्तर पर भी इन आंकड़ों की जांच की मांग उठने लगी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बढ़ी हुई खपत तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम है या वास्तविक उपयोग में बदलाव का।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम में तकनीकी खामियां या कैलिब्रेशन की समस्या भी इस तरह के असामान्य आंकड़ों का कारण हो सकती हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आखिर यह बढ़ोतरी किस वजह से हो रही है और उपभोक्ताओं को राहत कैसे दी जा सकती है।



