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सिनेमा की पहली हीरोइन: 113 साल पहले की कहानी और ‘साड़ी’ वाले दौर का अंत


सिनेमा के शुरुआती दौर में 113 साल पहले जब फिल्मों का सफर शुरू हुआ, तब महिलाओं का स्क्रीन पर आना समाज के लिए बेहद विवादित माना जाता था। उस समय पुरुष ही महिलाओं के किरदार निभाया करते थे, लेकिन धीरे-धीरे एक ऐसी महिला कलाकार सामने आईं जिन्होंने इस परंपरा को बदलने की शुरुआत की और सिनेमा की पहली हीरोइन के रूप में इतिहास रच दिया।
शुरुआती दौर में उन्हें समाज से विरोध और बहिष्कार का भी सामना करना पड़ा, क्योंकि उस समय फिल्मों में काम करना महिलाओं के लिए स्वीकार्य नहीं माना जाता था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और फिल्म इंडस्ट्री में महिला कलाकारों के लिए रास्ता खोला, जिससे आगे चलकर पुरुषों द्वारा निभाए जाने वाले महिला किरदारों (जैसे ‘साड़ी’ पहनकर रोल करना) का दौर धीरे-धीरे खत्म होने लगा।
यह बदलाव भारतीय और वैश्विक सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने आगे चलकर महिलाओं को फिल्म इंडस्ट्री में सम्मानजनक स्थान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।