


भगवंत मान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री विधानसभा में शराब के नशे की हालत में पहुंचे थे और इस मामले में डोप टेस्ट कराने की मांग की है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती और यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से उठाए गए इस आरोप के बाद राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। वहीं सरकार की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है और इसे राजनीतिक साजिश बताया गया है।