भारत-नेपाल बॉर्डर पर फर्जी आधार कार्ड का खेल, 5000 रुपये में बन रहे दस्तावेज

भारत-नेपाल सीमा पर फर्जी दस्तावेजों का बड़ा खेल सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि सिर्फ 5000 रुपये लेकर नकली आधार कार्ड और आवासीय प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे हैं। इस रैकेट के जरिए अवैध रूप से पहचान पत्र बनवाकर कई लोग सरकारी सुविधाओं और अन्य सेवाओं का फायदा उठा रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है तथा सीमा क्षेत्रों में दस्तावेज सत्यापन अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह के फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। सीमा से जुड़े जिलों में सक्रिय दलालों और साइबर कैफे संचालकों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है। बताया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए स्थानीय पते, नकली जन्म प्रमाण पत्र और फर्जी पहचान का सहारा लिया जा रहा था।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई संदिग्ध दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए हैं और अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड व आवासीय प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं। सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और अधिकारियों को सत्यापन प्रक्रिया सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई है और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।



