स्टडी: भूलने की बीमारी का खतरा, अंडे खाने से मिल सकती है मदद

एक नई स्टडी के अनुसार भारत में लाखों बुजुर्ग स्मृति से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिन्हें आमतौर पर भूलने की बीमारी या डिमेंशिया कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति की याददाश्त, सोचने की क्षमता और दैनिक कार्यों को करने की क्षमता धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है। Alzheimer’s disease भी इसी श्रेणी की एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी मानी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली और खानपान इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक प्रभावित करते हैं। ऐसे में संतुलित आहार मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।
स्टडी और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार हफ्ते में सीमित मात्रा में अंडे का सेवन फायदेमंद हो सकता है। अंडे में मौजूद प्रोटीन, विटामिन B12 और कोलीन जैसे पोषक तत्व दिमाग की कार्यक्षमता को सपोर्ट करते हैं और याददाश्त को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। Egg
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि केवल एक चीज पर निर्भर रहने के बजाय पूरे आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक गतिविधियों को भी दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। सही लाइफस्टाइल अपनाकर बुजुर्ग इस जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।



