Grief Disorder: गहरे दुख से कैसे बन सकता है मानसिक रोग? जानें लक्षण और उपाय

किसी प्रियजन को खोना या गहरी भावनात्मक ठेस लगना जीवन का सबसे कठिन अनुभवों में से एक होता है। सामान्य परिस्थितियों में समय के साथ व्यक्ति इस दुख से उबर जाता है, लेकिन कई बार यह दुख लंबे समय तक बना रहता है और व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगता है। इस स्थिति को मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ Grief Disorder या जटिल शोक विकार के रूप में देखते हैं।
इस स्थिति में व्यक्ति लगातार उदासी, खालीपन, अपराधबोध और जीवन में रुचि खत्म होने जैसी भावनाओं से गुजर सकता है। कई बार नींद में परेशानी, भूख कम लगना और सामाजिक गतिविधियों से दूरी भी देखने को मिलती है। अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए परिवार का सहयोग, काउंसलिंग, थेरेपी और सकारात्मक दिनचर्या बेहद जरूरी होती है। भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें साझा करना और धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियों में लौटना इस दुख से उबरने में मदद करता है। समय रहते सहायता लेना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।



