लिपुलेख विवाद के बाद नेपाल-भारत संबंधों में नरमी, दिल्ली आएंगे RSP अध्यक्ष रवि लामिछाने

लिपुलेख विवाद के बाद नेपाल और भारत के बीच तनाव कम होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच सत्ताधारी RSP के अध्यक्ष रवि लामिछाने के दिल्ली दौरे को दोनों देशों के संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरे से कूटनीतिक रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद जताई जा रही है।
नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे लिपुलेख विवाद ने दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में तनाव पैदा किया था। हालांकि हाल के दिनों में हालात में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं और दोनों पक्ष बातचीत के जरिए मतभेद कम करने की दिशा में आगे बढ़ते दिख रहे हैं।
इसी बीच सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रवि लामिछाने का प्रस्तावित दिल्ली दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत करने और भरोसे की नई नींव रखने में मदद कर सकती है।
नेपाल की आंतरिक राजनीति और भारत के साथ उसके संबंध हमेशा से ही संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में इस दौरे को केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं बल्कि एक संभावित कूटनीतिक सुधार की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो भविष्य में सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर भी सहमति बन सकती है।



