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तीन साल बाद भी उच्च शिक्षा परिषद को नहीं मिला स्थायी अध्यक्ष


उच्च शिक्षा परिषद के गठन को तीन वर्ष पूरे होने के बावजूद अब तक स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इस वजह से परिषद की नियमित बैठकों और महत्वपूर्ण निर्णयों की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, स्थायी नेतृत्व के अभाव में कई नीतिगत फैसले लंबित पड़े हैं। परिषद से जुड़े अधिकारियों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की गति भी धीमी हुई है।
बताया जा रहा है कि परिषद की बैठकों में निरंतरता की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर समय पर चर्चा नहीं हो पा रही। इससे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जुड़े प्रशासनिक मामलों पर भी असर देखने को मिल रहा है।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने जल्द स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग की है, ताकि परिषद की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाया जा सके और उच्च शिक्षा क्षेत्र में लंबित कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके।