फार्मर ID अनिवार्य? 1 जून के बाद खाद वितरण पर बड़ा फैसला

किसानों को मिलने वाली खाद और अन्य कृषि इनपुट के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार फार्मर आईडी को अनिवार्य करने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए एक विशेष पहचान प्रणाली से जुड़ना होगा, जिससे वितरण व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, 1 जून के बाद इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाली खाद वास्तविक और पात्र किसानों तक ही पहुंचे और किसी तरह की कालाबाजारी या दुरुपयोग को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पहचान प्रणाली लागू होने से कृषि क्षेत्र में डेटा आधारित योजना बनाना आसान होगा और सरकार को किसानों की वास्तविक जरूरतों का बेहतर अंदाजा लग सकेगा।
हालांकि, कुछ किसान संगठनों ने चिंता जताई है कि तकनीकी जानकारी की कमी वाले छोटे किसानों को इससे परेशानी हो सकती है, इसलिए इसके क्रियान्वयन में सरलता और जागरूकता जरूरी होगी।



