यूपी में मकानों की गणना का 80% काम पूरा, पिछड़े जिलों की मॉनिटरिंग तेज

उत्तर प्रदेश में मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार राज्य में इस अभियान का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष क्षेत्रों में भी तेजी से सर्वेक्षण और डेटा संकलन का काम जारी है।
सरकार का लक्ष्य निर्धारित समयसीमा के भीतर मकानों से संबंधित सभी आवश्यक आंकड़ों का संग्रह पूरा करना है। इसके लिए संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने उन जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है जहां कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी है। ऐसे जिलों की लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की देरी को रोका जा सके।
मकानों की गणना का यह कार्य भविष्य की योजनाओं, शहरी और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे आवास, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय जरूरतों से संबंधित सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि गणना कार्य में तकनीकी साधनों और डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा फील्ड कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
प्रशासन को उम्मीद है कि शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा और राज्य के सभी जिलों से अद्यतन एवं विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो जाएंगे। इससे विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।



