नेतन्याहू को भी नहीं थी ट्रंप के ईरान प्लान की भनक? रिपोर्ट में बड़ा दावा, समझौते से इजरायल हैरान

एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान को लेकर अमेरिका की रणनीति और संभावित समझौते की दिशा में उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी इजरायल को पहले से नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार समझौते से जुड़े घटनाक्रम ने इजरायली नेतृत्व को आश्चर्य में डाल दिया और वहां कूटनीतिक स्तर पर कई सवाल खड़े हो गए।
दावे के मुताबिक, इजरायल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानता रहा है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की समझ या वार्ता को लेकर इजरायल की विशेष रुचि रहती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की ओर से लिए गए कुछ निर्णयों और संदेशों ने इजरायल को संकेत दिया था कि वॉशिंगटन अपनी रणनीति में बदलाव कर सकता है। हालांकि कथित समझौते या वार्ता प्रक्रिया की सीमा और स्वरूप को लेकर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग आकलन सामने आ रहे हैं।
मध्य पूर्व मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संबंध लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति का केंद्र रहे हैं। इन देशों के बीच किसी भी बड़े कूटनीतिक कदम का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
इजरायल और अमेरिका के बीच घनिष्ठ रणनीतिक संबंध रहे हैं, लेकिन समय-समय पर कुछ नीतिगत मुद्दों पर दोनों देशों के दृष्टिकोण में अंतर भी देखने को मिला है। ईरान का मुद्दा भी उन्हीं संवेदनशील विषयों में शामिल माना जाता है।
फिलहाल रिपोर्ट में किए गए दावों पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार है। हालांकि इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व की राजनीति और अमेरिका की क्षेत्रीय रणनीति को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।



