वर्ल्ड कप में दिखेगा भारतीय मूल का जलवा

FIFA World Cup 2026 में भारत की टीम हिस्सा नहीं ले रही है, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। पहली बार ऐसा हो रहा है कि भारतीय मूल के चार खिलाड़ी चार अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए विश्व कप में उतरेंगे।
इन खिलाड़ियों में सरप्रीत सिंह (न्यूजीलैंड), तहसीन मोहम्मद जमशीद (कतर), निशान वेलुपिल्लाय (ऑस्ट्रेलिया) और सैमुअल माउटूसामी (डीआर कांगो) शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों की पारिवारिक जड़ें भारत से जुड़ी हैं और उनकी मौजूदगी भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए खास महत्व रखती है।
तहसीन मोहम्मद जमशीद केरल मूल के परिवार से आते हैं और कतर की विश्व कप टीम में जगह बनाने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी माने जा रहे हैं। युवा विंगर के रूप में उन्होंने कतर फुटबॉल में तेजी से पहचान बनाई है।
निशान वेलुपिल्लाय का संबंध तमिल मूल के परिवार से है। ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रहे इस तेजतर्रार विंगर ने विश्व कप क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन कर अपनी जगह पक्की की।
सरप्रीत सिंह, जिनकी पारिवारिक जड़ें पंजाब के जालंधर क्षेत्र से जुड़ी बताई जाती हैं, न्यूजीलैंड की टीम के अहम खिलाड़ी हैं। वहीं सैमुअल माउटूसामी, जिनका भारतीय संबंध उनके परिवार के जरिए जुड़ता है, डीआर कांगो की ओर से विश्व कप में खेलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय मूल के फुटबॉलरों की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती है। भारत भले ही विश्व कप में नहीं पहुंच पाया हो, लेकिन भारतीय विरासत से जुड़े खिलाड़ियों की भागीदारी भारतीय प्रशंसकों को टूर्नामेंट से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।



