यूपी के 1 लाख घरों में लगेंगे मिनी बायोगैस प्लांट, योगी सरकार का ‘गो सेवा से समृद्धि’ मास्टरप्लान

उत्तर प्रदेश सरकार ‘गो सेवा से समृद्धि’ अभियान के तहत प्रदेश के लगभग 1 लाख घरों में मिनी बायोगैस प्लांट स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य गोवंश आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है।
योजना के तहत पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को गोबर आधारित बायोगैस प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इन प्लांटों से तैयार गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में किया जा सकेगा, जबकि इससे निकलने वाली स्लरी जैविक खाद के रूप में खेतों में इस्तेमाल की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इससे एलपीजी और अन्य पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही किसानों को जैविक खेती के लिए गुणवत्तापूर्ण खाद भी मिलेगी, जिससे कृषि लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
‘गो सेवा से समृद्धि’ अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य गोवंश संरक्षण को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना भी है। विशेषज्ञों के अनुसार गोबर आधारित ऊर्जा और जैविक उत्पाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
योजना के सफल क्रियान्वयन से पर्यावरण संरक्षण को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। बायोगैस के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या का समाधान भी हो सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल व्यापक स्तर पर लागू होती है तो उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और ग्रामीण आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर सकता है। सरकार की यह योजना ग्रामीण विकास और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



