गैर-TET शिक्षकों के लिए होगी विशेष परीक्षा

उत्तर प्रदेश में गैर-TET शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। योगी सरकार ऐसे शिक्षकों के लिए एक विशेष विभागीय TET परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से उन शिक्षकों की सूची मांगी है, जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने TET (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता को बरकरार रखते हुए गैर-TET शिक्षकों को परीक्षा पास करने के लिए अतिरिक्त समय दिया था। कोर्ट ने TET से पूर्ण छूट देने की मांग को स्वीकार नहीं किया, लेकिन समयसीमा बढ़ाकर शिक्षकों को राहत जरूर दी।
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने संकेत दिए कि नियमित TET परीक्षाओं के बाद प्रभावित शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय TET परीक्षा आयोजित की जा सकती है, ताकि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर पात्रता हासिल कर सकें।
जिलों से क्यों मांगी गई सूची?
सूत्रों के अनुसार, सरकार यह जानना चाहती है कि राज्य में कितने शिक्षक अभी TET उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। सूची मिलने के बाद:
- संभावित अभ्यर्थियों की संख्या तय होगी।
- परीक्षा केंद्रों की योजना बनाई जाएगी।
- परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
- प्रशिक्षण और तैयारी संबंधी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
किन शिक्षकों को होगा फायदा?
इस पहल का लाभ मुख्य रूप से उन शिक्षकों को मिल सकता है:
- जो वर्षों से सेवा में हैं लेकिन TET पास नहीं कर पाए।
- जिनकी नियुक्ति पुराने नियमों के तहत हुई थी।
- जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पात्रता प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए TET जरूरी है, लेकिन लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को परीक्षा का उचित अवसर भी मिलना चाहिए। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए विशेष परीक्षा की तैयारी की जा रही है।
आगे क्या?
फिलहाल विभाग जिलों से आंकड़े जुटा रहा है। सूची मिलने के बाद परीक्षा की तिथि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया को लेकर औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
निष्कर्ष:
गैर-TET शिक्षकों के लिए विशेष विभागीय परीक्षा की तैयारी उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। यदि यह योजना लागू होती है, तो प्रभावित शिक्षकों को अपनी नौकरी की पात्रता बनाए रखने का एक और अवसर मिलेगा।



