
केरल में शिगेला (Shigella) संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक शिगेला संक्रमण के 146 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 5 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से लगभग आधे मामले पिछले एक महीने के दौरान सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, जून महीने में ही करीब 70 नए मामले दर्ज किए गए हैं। पांच मौतों में से एक मार्च में हुई थी, जबकि बाकी चार मौतें जून के दौरान दर्ज की गईं। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जो रोकथाम और नियंत्रण उपायों की निगरानी करेगी।
क्या है शिगेला संक्रमण?
शिगेला एक अत्यधिक संक्रामक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से दूषित भोजन, दूषित पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है। यह बीमारी आंतों को प्रभावित करती है और शिगेलोसिस (Shigellosis) का कारण बनती है।
प्रमुख लक्षण
- दस्त (कभी-कभी खून के साथ)
- तेज बुखार
- पेट में ऐंठन और दर्द
- मतली या उल्टी
- कमजोरी और डिहाइड्रेशन
किन लोगों को अधिक खतरा?
- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
- बुजुर्ग
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग
- दूषित पानी या भोजन के संपर्क में आने वाले लोग
सरकार ने क्या कदम उठाए?
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित जिलों में निगरानी बढ़ाई है, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य जांच तेज की है तथा स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। कुछ क्षेत्रों में विशेष नियंत्रण उपाय भी लागू किए गए हैं।
निष्कर्ष:
केरल में शिगेला संक्रमण के मामलों में आई बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाथों की सफाई, सुरक्षित भोजन और स्वच्छ पेयजल जैसी सावधानियां अपनाकर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



