
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए चार नई ग्रीनफील्ड “नमो सिटी” विकसित करने की योजना बनाई गई है। यह फैसला National Capital Region Planning Board की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री Manohar Lal Khattar ने की।
क्या है ₹5000 करोड़ का मेगा प्लान?
सरकार ने इन चार नई ग्रीनफील्ड सिटीज़ के विकास के लिए ₹5000 करोड़ जारी करने का फैसला किया है। राज्यों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया (Challenge Method) के जरिए चार शहरों का चयन किया जाएगा।
क्यों बनाई जा रही हैं नई नमो सिटी?
Regional Plan 2041 के अनुसार NCR में शहरी आबादी लगातार बढ़ेगी। अनुमान है कि:
- 2031 तक NCR की लगभग 57% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहेगी।
- 2041 तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 67% हो सकता है।
इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए दिल्ली-केंद्रित विकास मॉडल की बजाय नए आर्थिक और आवासीय केंद्र विकसित करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
किन राज्यों को मिलेगा फायदा?
प्रारंभिक योजना के अनुसार नए शहर NCR के अंतर्गत आने वाले:
- Uttar Pradesh
- Haryana
- Rajasthan
में विकसित किए जा सकते हैं, हालांकि अंतिम स्थान राज्यों के प्रस्तावों के आधार पर तय होंगे।
इन शहरों की क्या होंगी खासियतें?
विशेषज्ञों के अनुसार नई ग्रीनफील्ड सिटीज़ में:
- आधुनिक आवासीय सेक्टर
- इंडस्ट्रियल और बिजनेस हब
- स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम
- हरित क्षेत्र और बेहतर पर्यावरणीय प्रबंधन
- रोजगार के नए अवसर
जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जा सकता है। यह मॉडल भविष्य के स्मार्ट और आत्मनिर्भर शहरों की अवधारणा पर आधारित होगा।
दिल्ली-NCR पर क्या पड़ेगा असर?
नई नमो सिटीज़ बनने से:
- दिल्ली पर जनसंख्या का दबाव कम हो सकता है।
- नए निवेश और उद्योग आकर्षित हो सकते हैं।
- आवासीय विकल्प बढ़ेंगे।
- क्षेत्रीय असंतुलन कम करने में मदद मिलेगी।
- NCR के बाहरी इलाकों का तेजी से विकास हो सकता है।
निष्कर्ष:
चार नई ‘नमो सिटी’ NCR के लिए एक बड़े शहरी परिवर्तन की शुरुआत मानी जा रही हैं। ₹5000 करोड़ की इस योजना का उद्देश्य केवल नए शहर बसाना नहीं, बल्कि दिल्ली के आसपास संतुलित विकास, बेहतर बुनियादी ढांचा और रोजगार के अवसर पैदा करना है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कौन-से शहर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए चुने जाते हैं।



