मोहर्रम मातम का अवसर, शक्ति प्रदर्शन का नहीं: CM योगी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मोहर्रम के मद्देनजर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मोहर्रम मातम, श्रद्धा और अनुशासन का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। किसी भी प्रकार से शांति व्यवस्था भंग करने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
CM योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मोहर्रम के जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम परंपरागत तरीके से और निर्धारित नियमों के तहत संपन्न कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, शांति और सौहार्द बनाए रखना है।
अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश
- जुलूस मार्गों का पहले से निरीक्षण किया जाए।
- संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
- सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए।
- बिना अनुमति किसी नए आयोजन या रूट परिवर्तन की अनुमति न दी जाए।
- ड्रोन, CCTV और अन्य निगरानी साधनों का उपयोग बढ़ाया जाए।
शांति भंग करने वालों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले, सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।
मोहर्रम को लेकर विशेष तैयारियां
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बिजली, पेयजल, सफाई और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
सौहार्द बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान अनुशासन और परंपराओं का पालन किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
मोहर्रम को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यह अवसर श्रद्धा और मातम का है, न कि शक्ति प्रदर्शन का। प्रशासन को शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।



