मानसून की रफ्तार हुई धीमी

देशभर में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ती नजर आ रही है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के केवल 103 जिलों में ही सामान्य श्रेणी की बारिश दर्ज की गई है, जबकि कई क्षेत्रों में अब भी अपेक्षित वर्षा नहीं हुई है। मानसून की इस सुस्त चाल का असर कृषि गतिविधियों और जल संसाधनों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि कई राज्यों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां पूरी तरह विकसित न होने के कारण मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। इसी वजह से पश्चिमी तट और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षा से कम बनी हुई हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर वर्षा में तेजी देखने को मिल सकती है।
मुंबई और आसपास के इलाकों में भी मानसून के पहुंचने का इंतजार बढ़ गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि महानगर में मानसून के पूरी तरह पहुंचने में अभी 7 से 8 दिन का समय लग सकता है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक मानसून मुंबई में सक्रिय हो जाता है, लेकिन इस बार इसकी प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि अभी स्थिति चिंताजनक नहीं मानी जा रही है और मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है।
निष्कर्ष:
मानसून की धीमी चाल ने देश के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार बढ़ा दिया है। फिलहाल केवल सीमित जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज हुई है, जबकि मुंबई समेत कई क्षेत्रों को अभी कुछ और दिनों तक मानसून का इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून फिर से गति पकड़ सकता है।



