
वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था के 10 वर्ष पूरे होने के साथ सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अनुपालन प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, कुशल और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि अनुपालन प्रक्रिया सरल होने के साथ-साथ कर चोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
प्रस्तावित तकनीकी सुधारों के तहत AI की मदद से टैक्स रिटर्न, लेनदेन और अन्य वित्तीय आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान, जोखिम आधारित निगरानी और अनुपालन प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग से ईमानदार करदाताओं को अधिक सुविधा मिलेगी, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों की पहचान अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। इससे कर प्रशासन की दक्षता बढ़ने के साथ व्यापारिक प्रक्रियाएं भी अधिक सरल और पारदर्शी बनेंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI आधारित अनुपालन प्रणाली भविष्य की कर व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। हालांकि, इन तकनीकी सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और संबंधित दिशा-निर्देश समय-समय पर जारी किए जाएंगे।



