
केंद्र सरकार ने युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पीएम-सेतु योजना के विस्तार को मंजूरी दी है। योजना के तहत देशभर में 200 आईटीआई (Industrial Training Institute) क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए करीब 1237 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य आईटीआई संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
पीएम-सेतु योजना के माध्यम से चयनित आईटीआई में आधुनिक लैब, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं, डिजिटल संसाधन और उद्योग आधारित पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे। इससे छात्रों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकेंगे। योजना में स्थानीय उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कौशल प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार का मानना है कि बदलते रोजगार बाजार में युवाओं को केवल पारंपरिक प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकी कौशल की भी आवश्यकता है। आईटीआई क्लस्टर मॉडल के जरिए प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने और उद्योगों के साथ उनका बेहतर तालमेल स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
इस योजना से ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और देश में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
सरकार की यह पहल कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 200 नए आईटीआई क्लस्टर बनने के बाद तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का नेटवर्क और मजबूत होगा, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल सकेंगे।



