फ्रांस ने राफेल में लगाए कम लागत वाले रॉकेट, ड्रोन हमलों को हवा में ही करेगा नष्ट

आधुनिक युद्ध में ड्रोन हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए फ्रांस ने अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस ने राफेल लड़ाकू विमानों में ऐसे कम लागत वाले रॉकेट सिस्टम शामिल किए हैं, जो हवा में ही दुश्मन ड्रोन को निशाना बनाकर नष्ट करने में सक्षम होंगे।
राफेल में लगाए गए ये रॉकेट सिस्टम महंगी मिसाइलों के मुकाबले कम खर्चीले विकल्प के रूप में विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन जैसे खतरों से निपटना है। इससे वायुसेना को लगातार होने वाले ड्रोन हमलों के खिलाफ अधिक प्रभावी और किफायती सुरक्षा विकल्प मिलेगा।
ड्रोन का इस्तेमाल दुनिया भर में सैन्य अभियानों में तेजी से बढ़ रहा है। छोटे ड्रोन कम लागत में निगरानी और हमले के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिससे पारंपरिक रक्षा प्रणालियों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में एंटी-ड्रोन तकनीक को भविष्य की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
फ्रांस की यह पहल राफेल विमानों की क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई प्रणाली के जरिए लड़ाकू विमान न केवल हवाई युद्ध में बल्कि ड्रोन जैसे छोटे लक्ष्यों से मुकाबला करने में भी अधिक सक्षम होंगे।



