
देश में नेशनल हाईवे निर्माण की रफ्तार को लेकर संसद में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देशभर में 629 नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट तय समय सीमा से पीछे चल रहे हैं। इन परियोजनाओं में देरी के कारणों और स्थिति की जानकारी संसद में साझा की गई।
गडकरी ने बताया कि हाईवे निर्माण परियोजनाओं में देरी कई कारणों से होती है। इनमें भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरी, उपयोगिता सेवाओं का स्थानांतरण, ठेकेदारों से जुड़ी समस्याएं और अन्य प्रशासनिक अड़चनें शामिल हैं।
केंद्र सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दे रही है और हाईवे नेटवर्क के विस्तार पर जोर दे रही है। सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से लंबित परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, ताकि काम को जल्द पूरा किया जा सके।
नेशनल हाईवे देश की आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में लंबे समय से चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सरकार की बड़ी चुनौती है।
गडकरी ने संसद में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। लक्ष्य है कि अधूरी परियोजनाओं को गति देकर सड़क संपर्क व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, हाईवे परियोजनाओं में देरी कम करने के लिए बेहतर योजना, समय पर मंजूरी और प्रभावी निगरानी जरूरी है। देश में बढ़ती परिवहन जरूरतों को देखते हुए तेज और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण महत्वपूर्ण बना हुआ है।



