ईरान ने फिर बनाए मिसाइल बेस और न्यूक्लियर साइट? सैटेलाइट तस्वीरों से दावा

ईरान के मिसाइल बेस और परमाणु ठिकानों को लेकर एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि हमलों में नुकसान झेल चुके कुछ ठिकानों पर दोबारा निर्माण या मरम्मत के संकेत दिखाई दिए हैं।
इन तस्वीरों के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उन दावों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनमें ईरान के सैन्य और परमाणु ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि सैटेलाइट तस्वीरें किसी स्थान पर गतिविधियों का संकेत तो दे सकती हैं, लेकिन उनसे किसी ठिकाने की वास्तविक क्षमता या पूरी स्थिति का आकलन करना हमेशा आसान नहीं होता। इसके लिए खुफिया जानकारी और अन्य स्रोतों की भी जरूरत होती है।
ईरान लंबे समय से अपने परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल क्षमताओं को लेकर पश्चिमी देशों के निशाने पर रहा है। वहीं, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह अपनी रक्षा क्षमता बनाए रखने का अधिकार रखता है।
इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच आगे की रणनीति किस दिशा में जाती है।



